हापुड़ जिले के किसानों को अब केसीसी पर ऋण बैंक या सहकारी समिति में किसी एक से लेना होगा। बैंक या सहकारी समिति में से किसी एक पर केसीसी का लाभ मिलेगा। क्योंकि ऋण का डाटा (किसान ऋण पोर्टल) पर चढ़ाया जाएगा। एक संस्थान से लिए ऋण पर ही अनुदान की व्यवस्था रहेगी। दूसरे बैंक या समिति से संबंधित भूमि पर लिए जाने वाले कर्ज पर अनुदान नहीं मिलेगा, सात फीसदी से अधिक ब्याज के साथ मूल चुकाना होगा।
जिले की 36 सहकारी समिति और बैंकों से 90 हजार से ज्यादा किसानों को केसीसी पर ऋण दिया जाता है। अब तक केसीसी पर तीन लाख रुपये तक ऋण मिलता था। लेकिन आम बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर पांच लाख कर दी है। अब से पहले किसान सहकारी समिति और बैंक से एक ही बार में दो ऋण ले लेते थे। दोनों संस्थानों से ही उन्हें ऋण पर अनुदान भी मिल जाता था।
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि पूरा डाटा किसान ऋण पोर्टल (केआरपी) पर अपलोड होगा। केवाईसी आधार कार्ड से भी लिंक होगी, जिस कारण कर्ज की स्थिति बैंक या समिति के अधिकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। ऐसे में किसान द्वारा लिया ऋण एक जगह से ही मान्य होगा। सिर्फ एक संस्थान से मिले ऋण पर ही किसानों को अनुदान मिलेगा। यदि दूसरी जगह से ऋण लिया भी जाता है तो उस पर अनुदान नहीं मिलेगा।
बता दें कि जिले की 36 सहकारी समिति और विभिन्न राष्ट्रीय बैंक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण मुहैया कराते हैं। किसानों को 7.70 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ऋण मिलता है। हालांकि सरकार द्वारा इस पर अनुदान दिया जाता है। जिसके बाद सहकारी समितियों से किसानों को तीन फीसदी और राष्ट्रीय बैंकों से चार फीसदी वार्षिक ब्याज पर ऋण मिलता है। सहकारी समितियों से करीब 60 हजार किसान जुड़े हैं, जबकि बैंकों से भी 35 हजार से अधिक किसान केसीसी पर ऋण लेते हैं।
एआर कॉपरेटिव प्रेम शंकर- ने बताया की जिले के किसान बैंक या सहकारी समिति में किसी एक पर ही केसीसी पर ऋण ले सकेंगे। एक संस्थान से लिए ऋण पर ही अनुदान की व्यवस्था रहेगी। पोर्टल पर इसका डाटा उपलब्ध रहेगा। वहीं, किसानों को ऋण दिए जाने की लिमिट अब पांच लाख तक हो गई है।