हापुड़ जिले में शीतलहर के कारण शहर में विकास कार्यों की रफ्तार भी थम गई है। जिले में घने कोहरे एवं गलन भरी सर्दी के चलते करोड़ों रुपये की लागत से हॉटमिक्स प्लांट से बनने वाली 110 काली सड़कों का काम फिलहाल थम गया है। इसका खामियाजा आमजनता को भुगतना पड़ रहा है। मार्गों पर गहरे गड्ढे हादसे का कारण बन रहे हैं। अब इन सड़कों का निर्माण 15 फरवरी के बाद ही शुरू हो सकेगा।
शासन की ओर से सड़कों के गड्ढे भरने के साथ-साथ खराब मार्गों को बनाए जाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए नगर निकायों के साथ-साथ जिला पंचायत एवं पीडब्ल्यूडी विभाग को अलग से बजट जारी किया था। जिससे सड़कों को गड्ढामुक्त किया जा सके। सर्दी के मौसम में विभागीय अफसरों ने जहां छोटे-छोटे गड्ढे थे उनको तो भरवा दिया, लेकिन कई मार्गों पर हॉटमिक्स प्लांट से सड़कों के गड्ढों को भरा जाना था वह काम रुका हुआ है।
लोक निर्माण विभाग की ही बात करें तो यहां करीब 19 करोड़ की लागत से 110 काली सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कर किया गया था। लेकिन ठंड में सड़कों की गुणवत्ता को देखते हुए इन सड़कों का निर्माण कार्य रुक गया है। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे और गढ़ मेरठ रोड पर भी काली सड़कों का निर्माण कार्य रुक गया है। हालांकि इन स्थानों पर दूसरे कार्य जारी हैं। सीमेंट से बनने वाली सड़कों का निर्माण और पुलों आदि का निर्माण आदि जारी है।
सर्दी के मौसम में हॉटमिक्स प्लांट का काम सभी निर्माण एजेंसी बंद ही रखती हैं। क्योंकि डामर (बिटुमेन) सड़क पर चिपकता नहीं है। 15 फरवरी के बाद ही इस काम को किया जा सकता है। इन दिनों में तापमान ऊपर आ जाएगा और इस प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता नरेश कुमार- ने बताया की सर्दी में हर बार इसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुछ दिन के लिए कार्य रोकना पड़ता है। फिलहाल सीमेंट वाली सडक़ों का कार्य जारी है। जहां अधिक जरूरी है, वहां गड्ढों को भरवा दिया जाएगा।