हापुड़ जिले के 19 शीतगृहों पर चैंबर फुल के नोटिस चस्पा हो गए हैं, करीब 2.10 लाख एमटी (मीट्रिक टन) आलू का भंडारण हो चुका है। जबकि हजारों एमटी आलू अभी भी बाहर है, इस बीच मंडी में आलू के दाम करीब 200 रुपये प्रति कट्टा तक गिर गए हैं। जिससे किसानों को कड़ा झटका लगा है। मंडी में हाईब्रिड आलू का कट्टा 350 रुपये और चिप्सौना आलू 500 रुपये तक बि रहा है।
आलू की पैदावार अधिक होने से जिले के शीतगृह फुल चल रहे हैं। जिले के करीब 4300 हेक्टेयर रकबे में आलू की खेती की गई है। इस बार मौसम अनुकूल रहने से 90 फीसदी से अधिक फसल की खोदाई हो चुकी है। शुरूआत में लग रहा था कि शीतगृहों के भंडार खाली रह जाएंगे, लेकिन अब समय से पहले ही यह भर गए हैं। आलम यह है कि अधिकांश शीतगृहों के बाहर शुगर फ्री चैंबर फुल के नेटिस चस्पा कर दिए गए हैं।
बीज का आलू रखने के लिए कुछ शीतगृहों में जगह खाली है। हालांकि अभी किसान आलू की खोदाई में जुटे हुए हैं, शीतगृहों के बाहर ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लंबी कतार है। एक से दूसरे शीतगृहों में किसानों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
आलू की अधिकता होने के कारण मंडी में 15 दिन के अंदर ही दाम गिर गए हैं। अब आलू 200 रुपये प्रति कट्टा तक बिक रहा है। आलू के दाम गिरने के साथ ही बाजार में हर रोज पांच हजार से अधिक कट्टा आलू पहुंच रहा है। जबकि बहुत से किसान दाम बढ़ने की उम्मीद में भंडारण पर अधिक जोर दे रहे हैं।
सब्जी मंडी के अध्यक्ष ब्रिजेश त्यागी ने बताया कि इन दिनों हाईब्रिड आलू 350 रुपये प्रति कट्टा और शुगर फ्री आलू 500 रुपये प्रति कट्टा तक बिक रहा है। जिससे किसानो की चिंता बढ़ गई है।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. हरित- ने बताया की जिले के अधिकांश किसानों ने आलू की फसल उठा ली है, अधिकांश शीतगृहों के भंडार भी फुल हो चुके हैं। कुछ में बीज रखने की जगह है, किसानों को परेशानी न हो, इसके लिए उनकी समस्या का समाधान कराया जा रहा है।