हापुड़ में शहर को 24 घंटे बिजली देने का आदेश हवा हवाई है। कागजों में भी उपभोक्ताओं को उतनी बिजली नहीं मिल रही। कोई फीडर साढ़े 14 घंटे तो कोई 22 से 23 घंटे चल रहे हैं। अघोषित कटौती और तार बदलने के कारण आपूर्ति बाधित रखने का कोई रिकॉर्ड नहीं होता। अफसर कॉलोनियों में लगे ट्रांसफार्मर को बचाना तो दूर बिजलीघरों के बड़े संयोजनों को भी सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं।
बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है। शहर से लेकर गांव तक बिजली के लिए हाहाकार मचा है। दिल्ली रोड बिजलीघर से आधे शहर में बिजली दी जाती है। इसके फीडर से निर्गत आपूर्ति का आंकड़ा चौकाने वाला है। इनकमिंग आपूर्ति तो 24 घंटे है लेकिन, फीडर उतनी आपूर्ति आगे नहीं भेज पा रहे। इसके पीछे अधूरे संशाधन, लो वोल्टेज, लोकल फॉल्ट, ट्रिपिंग जैसी समस्या है। वैसे तो कागजों में आपको हर रिपोर्ट उम्दा ही दिखेगी लेकिन, धरातल पर स्थिति कुछ और ही है। मुख्य बिजलीघर के फीडरों की साप्ताहिक पड़ताल की गई, इसमें कोई फीडर 16 घंटे चला तो कोई 22 घंटे से अधिक। 24 घंटे आपूर्ति एक दो फीडर ही दे पाए हैं। इनसे जुड़े मोहल्लों में जाकर जब इस स्थिति का पता किया तो वहां भी रिपोर्ट से इतर स्थिति देखने को मिली।
प्रीत विहार में एलटी लाइन में उच्च क्षमता का करंट प्रवाहित कर दिया गया। इससे 10 से अधिक घरों में लगे विद्युत उपकरण फुंक गए। लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ा। आए दिन इस इलाके की आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। इसके अलावा दिल्ली रोड पर हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से दिल्ली रोड बिजलीघर का फीडर नंबर चार ढाई घंटे बंद रहा। इससे टीचर कॉलोनी, राजीव विहार, सिद्धार्थनगर, लज्जापुरी, बैंक कॉलोनी, चमरी, अर्जुननगर, अपनाघर कॉलोनी की आपूर्ति बाधित हो गई। इन दिनों ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग की समस्या से उपभोक्ता बेहाल है, देहात क्षेत्र में स्थिति और बदतर है।
जिले के कई बिजलीघरों पर एसएसओ को 24 घंटे की ड्यूटी दी जा रही है, जबकि आठ-आठ घंटों की ड्यूटी दी जानी है। अत्यधिक उपभोक्ताओं की शिकायतों को निस्तारित कराने में एसएसओ थक रहे हैं, जिसका प्रभाव आपूर्ति पर पड़ रहा है। एमडी ने इस तरह ड्यूटी न कराकर, आठ-आठ घंटे कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी शहर के एक बिजलीघर पर आदेशों की अवहेलना हो रही है।
अधीक्षण अभियंता अवनीश कुमार- ने बताया की तापमान बढ़ने से समस्या बढ़ी थी, अब आपूर्ति सामान्य हो रही है। उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली देने का पूरा प्रयास है। फॉल्ट भी तत्काल दुरुस्त कराए जा रहे हैं।