हापुड़ में तापमान की वजह से बच्चों के ऊपर बीमारियों का हमला बढ़ गया है। इसमें सर्वाधिक डायरिया के मरीज मिल रहे हैं। छोटे बच्चे गर्मी से डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में इलाज के लिऐ आने वाले 40 फीसदी बच्चों में डायरिया मिल रहा है। शुक्रवार को 15 बच्चे इन अस्पतालों में भर्ती कराने पड़े। वहीं, एक छह माह की बच्ची ओपीडी में बेहोश हो गई, जांच में उसके दिल में छेद मिला है।
गर्मी का असर बढ़ने के साथ डायरिया और बुखार का हमला भी तेज होता जा रहा है। सबसे अधिक बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरेंद्र राय ने बताया कि तापमान बढ़ने के साथ ही डायरिया बढ़ रहा है। तापमान बढ़ने से बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे है। सबसे ज्यादा बच्चे गलत खाना पान से बीमार पड़ रहे हैं। इसमें नवजात बच्चे भी शामिल हैं, जो दूषित पानी के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 120 से अधिक बच्चे आ रहे हैं।
इनमें 40 फीसदी बच्चे डायरिया से ही पीड़ित हैं, हर रोज कुछ बच्चों को भर्ती करने की जरूरत भी पड़ रही है। क्योंकि वह निर्जलीकरण के शिकार मिले हैं, ऐसे बच्चों को दवाओं के साथ ग्लूकोज भी चढ़ाया जा रहा है। पेट में दर्द, उल्टियां लगने की समस्या से भी बच्चे पीड़ित हैं। इसके साथ ही बुखार और गले का संक्रमण हर आयु वर्ग के लोगों को परेशान कर रहा है।
सीएचसी में इलाज को पहुंची एक छह माह की बच्ची बेहोश हो गई। होश में आने पर चिकित्सक ने उसकी जांच की, इसमें दिल में छेद की जानकारी हुई। आरबीएसके की टीम को भी सूचित कर दिया गया है। क्योंकि इस तरह के बच्चों को बचाने के लिए सर्जरी ही विकल्प है।