हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर। भगवान सूर्य की उपासना का छठ महापर्व मंगलवार से नहाय खाय के साथ शुरू हो रहा है। अगले चार दिनों तक व्रती महिलाएं छठ मैया और भगवान सूर्य की उपासना करेंगी। सोमवार को लोगों ने पर्व की तैयारियों को अंतिम रूप दिया और पूजन सामग्री की खरीदारी की। कल शाम से महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत प्रारंभ करेंगी और आठ नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन होगा।
छठ पूजा का पहला दिन नहाय खाय के नाम से जाना जाता है। यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित होता है। छठ पूजा के व्रत रखने का खास महत्व माना जाता है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ महापर्व मनाया जाता है, जो चार दिन तक चलता है। छठ पूजा पांच नवंबर से नहाय खाय के साथ प्रारंभ हो रहा। चंद्रलोक कॉलोनी में पूर्वांचल और बिहार के लोग निवास करते हैं और कॉलोनी में स्थित शिव मंदिर में बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा के लिए एकत्र होते हैं। विधि विधान से पूजन के लिए मंदिर में कुंड बनाया गया है।
मंगलवार को लोगों ने व्रत की तैयारी के लिए बाजारों में बांस की टोकरी, अन्नानास, गन्ना, नारियल, लोकी, गुड़, मूली आदि की खरीदारी की। चंद्रलोक कॉलोनी निवासी जीनाथ पांडेय, धर्मेंद्र पांडेय, अमित ने बताया कि नहाय खाय के साथ मंगलवार को छठ पूजा महोत्सव प्रारंभ हो जाएगा।