हापुड़ में तापमान गिरते ही निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में नेत्र रोगियों की संख्या बढ़ गई है। एक सप्ताह से मोतियाबिंद के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल आ रहे हैं। प्रतिदिन ऑपरेशन के लिए 20 से 25 मरीज पहुंच रहे हैं। जिनमें हर रोज करीब 15 के ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
गर्मियों में मरीज ऑपरेशन कराने से कतराते हैं। क्योंकि आंखों में पसीना जाने पर समस्या बढ़ जाती है। पिछले एक सप्ताह से मौसम ने करवट बदली है। दिन में थोड़ी गर्मी जरूर है, लेकिन रात में सर्दी होने लगी है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल आनंद ने बताया कि इस तरह का मौसम मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए अनुकूल होता है।
तापमान गिरने के बाद से मोतियाबिंद के मरीजों की अस्पताल में भीड़ लगी हुई है। मोतियाबिंद के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल आ रहे हैं। मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वालों की वेटिंग शुरू हो गई है। जांच करने के बाद हर दिन 12 से 15 मरीजों की आंखों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
बता दें कि हापुड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेत्र रोग विशेषज्ञों की कमी है। सिर्फ हापुड़ सीएचसी में ही विशेषज्ञ हैं। ऐसे में दूसरी सीएचसी से भी मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। जिला अस्पताल में चार नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं, जिन्हें मोतियाबिंद के ऑपरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीएमएस डॉ. प्रदीप मित्तल- ने कहा की जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन की उचित व्यवस्था है। मरीजों को यहां किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मौसम बदलते ही भीड़ बढ़ गई है, नेत्र रोग विशेषज्ञों को निर्देशित कर दिया गया है।