जनपद हापुड़ में बाबूगढ़ स्थित भारतीय रक्षा प्रणाली के एस्टीमेट में गड़बड़ी के मामले में प्राथमिक तौर पर दोषी मानते हुए एक्सईएन, एसडीओ समेत पांच अधिकारियों को चार्जशीट जारी कर दी गई है। मुरादाबाद ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता जांच कर रहे है।
दरअसल, एमईएस को निर्बाध सप्लाई के लिए अंडरग्राउंड केबल की जरूरत थी। करीब 1700 मीटर दूरी तक केबल डाला जाना था। आवेदन के बाद एस्टीमेट बनाया तो यह 1.61 करोड़ से अधिक राशि का बना। यहीं से लाभ कमाने की ताक में अधिकारी जुट गए। लेकिन खेल इस तरह खेला गया कि नियम की आड़ में ही 40 लाख से ज्यादा का फर्जीवाड़ा हुआ ।
प्राथमिक जांच में अधिकारी दोषी मिले हैं। हालांकि, यह पैसा सीधे अधिकारियों की जेब में नहीं पहुंचा। बल्कि ठेकेदार से होते हुए उन तक पहुंचना था। लेकिन मामला खुल जाने पर बंदर बांट नहीं हो सकी। उल्टा अधिकारी इसमें फंसते चले गए। शुरूआत में धन के बल पर जांच को प्रभावित किया जाता रहा। लेकिन अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
भारतीय रक्षा प्रणाली से अधिक पैसा जमा करा लेने का मामला ऊपर तक पहुंच गया। जिसका संज्ञान लिया तो अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। खुद को फंसा देख अधिकारियों ने गर्दन बचाने के लिए 22 लाख 74 हजार 950 रुपये जो अधिक जमा करा लिए थे, उन्हें वापस बिल में समायोजित कर दिया गया।
हाल ही में तत्कालीन एक्सईएन मनोज कुमार, ड्राफ्ट मैन जीत सिंह, तत्कालीन एसडीओ सुनील कुमार, जेई महकार सिंह, जेई ईश्वर सिंह को चार्जशीट जारी कर दी गई है, प्रथम दृष्टया इन्हें दोषी मान लिया गया है। अपने बचाव में अधिकारियों को इसका जवाब देना है। इनका जवाब आने के बाद आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
अधीक्षण अभियंता यूके सिंह- ने बताया की इस पूरे प्रकरण की जांच एमडी कार्यालय से भी हो रही है। संज्ञान में आया है। कि तत्कालीन एक्सईन, ड्राफ्ट मैन, एसडीओ और दो अवर अभियंताओं को इस मामले में स्थानीय अचार्जशीट जारी की गई है।