हापुड़ में चुनाव और सहालग के कारण बसों की किल्लत बढ़ गई है। यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए एक घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार को चुनावी रैली और सहालग के कारण रोडवेज और निजी बसों की किल्लत के कारण यात्री भटकते रहे।
रोडवेज डिपो से दस बसें चुनावी ड्यूटी में भेजी गई है। जिससे लोगों को सफर करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में बसों की किल्लत से यात्री पहले ही परेशान हैं, वहीं मंगलवार को सहालग और चुनावी रैलियों में निजी बसों के जाने से परेशानी ओर बढ़ गई। मेरठ तिराहा, बुलंदशहर रोड, तहसील चौपला, दिल्ली रोड पर यात्री बसों का इंतजार करते रहे।
दिल्ली, नोएडा जाने के लिए तो यात्रियों को आधा घंटे से अधिक समय से इंतजार करना पड़ा। धूप में बसों का इंतजार करते हुए यात्री बेहाल हो गए। मेरठ बुलंदशहर मार्ग पर भी यही स्थिति रही, जैसे ही बस स्टॉप पर पहुंचती तो यात्री बस में चढ़ने के लिए दौड़ लगाने लगते। सीट के लिए भी धक्कामुक्की होती रही।ज्यादा परेशानी परिवार के साथ यात्रा करने वालों को है। ऐसे में लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में घंटों लग रहे हैं। मजबूरी में लोगों को बसों में खड़े होकर या फिर डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर सफर करना पड़ा। ऐसे में डग्गामार वाहन संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रणजीत सिंह का कहना है कि सहालग के कारण यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। जिसके कारण कुछ मार्गों पर यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ा।