हापुड़ में एआरटीओ कार्यालय (उपसंभागीय कार्यालय) के लिए तीन माह बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अगस्त माह में कार्यालय के निर्माण के लिए टेंडर निकाला गया था, लेकिन तीन निविदाएं तकनीकी स्तर पर खरी नहीं उतरीं। इसके बाद पुरानी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करते हुए अब नया टेंडर निकाला गया है। अब पांच दिसंबर तक पुनः टेंडर डाले जाएंगे। इसके बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
अभी वर्तमान में मेरठ रोड पर छह कमरों के किराए के भवन में कार्यालय संचालित है। यहां पर खुले में ही ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट होता है। इससे दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता है।
हापुड़ को जिला बने हुए 13 साल बीत गया है, लेकिन एआरटीओ कार्यालय के निर्माण का रास्ता अभी तक पूरी तरह से साफ नहीं हो सका है। अगस्त माह में शासन ने 10 करोड़ के सापेक्ष 7.40 करोड़ रुपये जारी किए थे। जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन दो बार प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। अब तीसरी बार पुनः कार्यदायी संस्था जल निगम ने निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है।
इससे पहले जिले के अधिकारियों को पूरी उम्मीद थी कि दिसंबर माह में जमीन को समतल करने का कार्य प्रारंभ शुरू हो जाएगा। जबकि, नए भवन में कमरों के साथ कांफ्रेंस रूम, ड्राइविंग टेस्टिंग ग्राउंड, सारथी हॉल के अलावा पार्किंग आदि की सुविधा भी दी जाएगी। साथ ही वाहनों के फिटनेस का कार्य भी सड़क किनारे के बजाय कार्यालय में होगा। एआरटीओ प्रशासन छवि सिंह चौहान ने बताया कि तकनीकी खामियों के कारण पुनः टेंडर निकाला गया है।