श्रावण शिवरात्रि 11 अगस्त: जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, रुद्राभिषेक की विधि और लाभ
श्रावण शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, चार प्रहर की आराधना, रुद्राभिषेक की संपूर्ण विधि, विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक के लाभ और ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय की विशेष जानकारी।
Halchal India News
2 अगस्त 2026 को 12:52 pm बजे 3.9K
अपडेट: 2 अगस्त 2026 को 08:58 pm बजे

हापुड़। श्रावण मास की कृष्ण पक्ष की शिवरात्रि इस वर्ष 11 अगस्त, मंगलवार को शास्त्रोक्त रूप से मनाई जाएगी। इस पावन अवसर पर भगवान शिव की उपासना, रुद्राभिषेक, उपवास और रात्रि जागरण का विशेष महत्व बताया गया है। श्री ज्योतिष कार्यालय के ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय ने बताया कि वैदिक पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार श्रद्धालुओं को प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए तथा पूरे विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा से लाया गया पवित्र गंगाजल त्रयोदशी तिथि की समाप्ति और चतुर्दशी तिथि के प्रवेश के शुभ संयोग में भगवान शिव को अर्पित किया जाएगा। श्रद्धालु प्रातःकाल से ही शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूब, पुष्प, भस्म एवं मौसमी फलों का अर्पण कर "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जप करें। इसके साथ ही शिव चालीसा, रुद्राष्टक तथा रुद्राध्याय का पाठ अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना गया है।

पंडित सुबोध पाण्डेय ने बताया कि श्रावण शिवरात्रि की पूजा रात्रि के चारों प्रहरों में करने का विशेष विधान है। प्रथम प्रहर में भगवान शिव का दूध से अभिषेक, द्वितीय प्रहर में दही से, तृतीय प्रहर में घी से तथा चतुर्थ प्रहर में शहद एवं जल की धारा से अभिषेक करने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि प्रथम प्रहर सायं 6:19 बजे से रात्रि 9:26 बजे तक, द्वितीय प्रहर रात्रि 9:26 बजे से 12:52 बजे तक, तृतीय प्रहर मध्यरात्रि 12:52 बजे से प्रातः 3:59 बजे तक तथा चतुर्थ प्रहर प्रातः 3:59 बजे से 7:06 बजे तक रहेगा। इन शुभ मुहूर्तों में भगवान शिव का पूजन और अभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

ज्योतिर्विद प्रीति पाण्डेय ने बताया कि रुद्राभिषेक भगवान शिव को प्रसन्न करने वाला अत्यंत प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान है। यदि रुद्राध्याय (नमक-चमक) के मंत्रों के साथ रुद्राभिषेक किया जाए तो उसका पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि शुद्ध जल से अभिषेक करने पर मानसिक शांति एवं पापों का क्षय होता है, गंगाजल से आध्यात्मिक उन्नति और पुण्य की प्राप्ति होती है। दूध से उत्तम स्वास्थ्य, संतान सुख और पारिवारिक खुशहाली, दही से धन, यश और प्रतिष्ठा, घी से आयु, तेज और ऐश्वर्य में वृद्धि होती है।

उन्होंने बताया कि शहद से वाणी में मधुरता और सामाजिक सम्मान प्राप्त होता है, मिश्री या शक्कर से सुख एवं मानसिक संतोष मिलता है, गन्ने के रस से आर्थिक उन्नति और व्यापार में सफलता मिलती है। इत्र अथवा गुलाब जल से सौभाग्य और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। तिल या सरसों के तेल से अभिषेक करने पर शनि दोष की शांति और बाधाओं का निवारण होता है। काले तिल मिश्रित जल से पितृ दोष शांत होता है, कुशा मिश्रित जल ग्रह दोषों को शांत करता है तथा भस्म से अभिषेक करने पर आध्यात्मिक शक्ति, वैराग्य और भय का नाश होता है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास में चार सोमवार पड़ रहे हैं। पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त को रहेगा। वहीं 11 अगस्त को पड़ने वाली श्रावण कृष्ण शिवरात्रि भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से श्रद्धा और विधि-विधान के साथ भगवान शिव की आराधना करने का आह्वान करते हुए देशवासियों को श्रावण शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

Shravan Shivratri to Be Observed on August 11; Four Phase Worship and Rudrabhishek Hold Special Significance, Says Astrologer Subodh Pandey
Hapur: Shravan Krishna Paksha Shivratri will be observed on Tuesday, August 11, according to the Vedic calendar. The auspicious occasion is considered highly significant for the worship of Lord Shiva through fasting, Rudrabhishek, night-long prayers, and chanting of sacred mantras.

Astrologer Pandit Subodh Pandey of Shri Jyotish Karyalaya said devotees should begin the day with a holy bath, take a vow to observe the fast, and perform rituals by offering water, Ganga water, milk, curd, ghee, honey, bael leaves, dhatura, bhang, sacred ash, flowers, and fruits to the Shivling. Chanting "Om Namah Shivaya," reciting the Shiv Chalisa, Rudrashtakam, and Rudradhyaya is believed to bring divine blessings.

He explained that worship during the four night watches (Prahars) has special religious importance. Milk is offered during the first Prahar, curd during the second, ghee during the third, and honey along with holy water during the fourth. Performing these rituals during the prescribed timings is believed to bestow prosperity, peace, and spiritual progress.

Astrologer Preeti Pandey said Rudrabhishek is one of the most powerful Vedic rituals dedicated to Lord Shiva. Performing the ritual with the chanting of Rudradhyaya (Namakam and Chamakam) is considered especially auspicious. According to scriptures, each sacred offering carries unique spiritual benefits. Water brings peace and removes sins, Ganga water grants purity and spiritual growth, milk promotes good health and family happiness, curd enhances prosperity and reputation, and ghee increases longevity and divine radiance.

She further explained that honey improves sweetness in speech and social respect, sugar symbolizes happiness and mental satisfaction, sugarcane juice attracts financial prosperity, while rose water and perfumes are believed to fulfil wishes and bring good fortune. Sesame or mustard oil helps reduce the effects of Shani Dosha, black sesame mixed with water is associated with relief from ancestral doshas, kusa grass water helps pacify planetary afflictions, and sacred ash symbolizes spiritual strength and freedom from fear.

The astrologers also informed that Shravan month this year includes four Mondays August 3, 10, 17, and 24 while Shravan Shivratri on August 11 is considered one of the most auspicious occasions for seeking Lord Shiva's blessings. They extended heartfelt greetings to devotees on the occasion and urged everyone to perform the rituals with faith and devotion.


टिप्पणियां
संबंधित खबरें

हापुड़
हापुड़ नगर पालिका ने पेश किया 214 करोड़ का बजट, सड़क और सीवर पर सबसे बड़ा खर्च
बोर्ड बैठक में बिना संशोधन पास हुआ बजट, शहर की 42 सड़कों के पुनर्निर्माण और तीन नए वार्डों में सीवर लाइन का प्रस्ताव शामिल।
27 जुलाई 2026 को 10:00 am बजे 18.4K

हापुड़
हापुड़ मंडी में किसानों को 48 घंटे में भुगतान की व्यवस्था लागू
मंडी समिति ने आढ़तियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की, देरी पर लाइसेंस निलंबन की चेतावनी दी गई।
26 जुलाई 2026 को 04:45 pm बजे 9.3K

देश
मौसम विभाग का अलर्ट: उत्तर भारत में तीन दिन भारी बारिश, कई जिलों में येलो अलर्ट
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका, प्रशासन ने राहत टीमें तैनात कीं।
27 जुलाई 2026 को 09:10 am बजे 26.4K
