साप्ताहिक पैठ को लेकर सपा का प्रदर्शन, आनंद गुर्जर बोले- जगह नहीं मिली तो होगा बड़ा आंदोलन
हापुड़ में साप्ताहिक पैठ बंद होने के विरोध में सपा जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर के नेतृत्व में सैकड़ों दुकानदारों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। सपा ने जगह नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
Halchal India News
22 अगस्त 2026 को 01:48 pm बजे 24
अपडेट: 22 अगस्त 2026 को 02:55 pm बजे

हापुड़। शहर में रविवार को लगने वाली साप्ताहिक पैठ बंद होने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पैठ के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं और साप्ताहिक बाजार में दुकान लगाने वाले सैकड़ों बेरोजगार दुकानदारों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और दुकानदारों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से साप्ताहिक पैठ के लिए तत्काल उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने की मांग की। सपा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पैठ के लिए जगह नहीं दी गई तो पार्टी दुकानदारों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतरेगी।

प्रदर्शन में शामिल दुकानदारों का कहना था कि रविवार की साप्ताहिक पैठ उनके लिए केवल बाजार नहीं, बल्कि परिवार की रोजी-रोटी का बड़ा सहारा थी। पैठ बंद होने से छोटे दुकानदारों, फेरीवालों और घरेलू सामान बेचकर परिवार चलाने वाले लोगों की आमदनी प्रभावित हुई है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि रामलीला मैदान में पैठ लगाना संभव नहीं है तो शहर में कोई दूसरा उपयुक्त स्थान चिन्हित कर बाजार को व्यवस्थित तरीके से दोबारा शुरू कराया जाए।

सपा नेताओं के मुताबिक हापुड़ में साप्ताहिक पैठ कई वर्षों से लगती आ रही है। पहले अतरपुरा चौपला से कोठीगेट और गोल मार्केट तक रविवार को बाजार लगता था। बाद में इसका स्थान बदलकर रामलीला मैदान कर दिया गया। रामलीला मैदान में पैठ को लेकर विवाद सामने आने के बाद बाजार बंद करा दिया गया। इसके बाद पैठ में दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया।

सपा जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर ने कहा कि पार्टी गरीब, मजदूर, फेरीवाले और छोटे दुकानदारों की आवाज को दबने नहीं देगी। उनके मुताबिक साप्ताहिक पैठ से बड़ी संख्या में परिवार जुड़े हुए हैं और कई लोग इसी बाजार में छोटी दुकान लगाकर अपने बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करते हैं। बाजार बंद होने के बाद इन परिवारों की आय का जरिया प्रभावित हुआ है।

आनंद गुर्जर ने कहा कि साप्ताहिक पैठ किसी एक व्यक्ति या संगठन का बाजार नहीं है, बल्कि वर्षों से यहां छोटे स्तर पर कारोबार कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले मेहनतकश लोगों की रोजी-रोटी का साधन है। प्रशासन को यह समझना होगा कि बड़े व्यापारियों के लिए कारोबार के कई विकल्प हो सकते हैं, लेकिन सड़क किनारे या साप्ताहिक बाजार में छोटी दुकान लगाने वाले व्यक्ति के पास आमदनी का यही एक जरिया है। यदि रामलीला मैदान में किसी कारण से पैठ नहीं लग सकती तो प्रशासन शहर में दूसरी जगह चिन्हित करे।

कोठीगेट-गोल मार्केट या आनंद विहार समेत किसी उपयुक्त स्थान पर व्यवस्थित तरीके से बाजार लगाया जा सकता है। सपा प्रशासन से टकराव नहीं चाहती, बल्कि गरीब परिवारों के रोजगार का समाधान चाहती है। लेकिन यदि दुकानदारों की समस्या को लगातार नजरअंदाज किया गया और उन्हें पैठ लगाने के लिए कोई स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया तो समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी।

पहले जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया है और जरूरत पड़ी तो इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सपा कार्यकर्ता और पैठ लगाने वाले दुकानदार सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। प्रशासन को जल्द से जल्द इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि सैकड़ों परिवारों के सामने खड़ा आर्थिक संकट दूर हो सके।प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं और दुकानदारों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य शहर की व्यवस्था बिगाड़ना नहीं है, बल्कि अपने रोजगार को वापस हासिल करना है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पैठ के लिए ऐसा स्थान निर्धारित किया जाए, जहां बाजार भी व्यवस्थित तरीके से लग सके और आम लोगों को आवागमन में परेशानी भी न हो।

सपा पदाधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी को मांग पत्र भी सौंपा गया है। इसमें हापुड़ नगर में रविवार को लगने वाली साप्ताहिक पैठ के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर बाजार को दोबारा शुरू कराने की मांग की गई है।

मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर सपा के शीर्ष नेतृत्व तक भी पहुंच चुका है। हापुड़ के सपा पदाधिकारियों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष भी साप्ताहिक पैठ का मुद्दा रखा है। इसके साथ ही सपा नेताओं ने डिंपल यादव से मुलाकात कर पैठ में दुकान लगाने वाले लोगों की समस्या से अवगत कराया और बाजार को दोबारा शुरू कराने में सहयोग की मांग की।

सपा नेताओं ने कहा कि यदि रामलीला मैदान में पैठ लगाना संभव नहीं है तो प्रशासन वैकल्पिक तौर पर पुराने स्थान कोठीगेट-गोल मार्केट या आनंद विहार में स्थान उपलब्ध कराने पर विचार कर सकता है। पार्टी का कहना है कि बाजार को नियमों और यातायात व्यवस्था के अनुरूप संचालित किया जा सकता है।

साप्ताहिक पैठ को लेकर सपा के प्रदर्शन के बाद अब गेंद प्रशासन के पाले में है। एक ओर स्थानीय लोग और दुकानदार रोजगार बहाल करने की मांग कर रहे हैं, वहीं सपा ने स्पष्ट कर दिया है कि समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में साप्ताहिक पैठ का मुद्दा हापुड़ की स्थानीय राजनीति में और गरमाने के आसार हैं।

Hapur: The issue of the weekly Sunday market being discontinued in Hapur has intensified, with the Samajwadi Party (SP) staging a protest outside the District Magistrate's office. Led by SP district president Anand Gurjar, party workers and hundreds of small vendors who used to set up stalls at the weekly market raised slogans and demanded that the administration provide an alternative location for the market.

The protesters said the weekly market has been an important source of livelihood for hundreds of small traders, street vendors and poor families in Hapur. They alleged that the closure of the market has left many vendors without a regular source of income, creating financial difficulties for their families.

According to the SP, the weekly market had been operating in Hapur for several years. Earlier, the market was held from Atarpura Chowpla towards Kotigate and Gol Market. It was later shifted to the Ramleela Ground. Following disputes related to the market at the Ramleela Ground, the weekly market was stopped.

During the protest, SP workers and affected vendors demanded that the administration identify a suitable alternative location so that the weekly market can resume in an organized manner. The party suggested that if the market cannot be permitted at the Ramleela Ground, other locations, including the Kotigate-Gol Market area or Anand Vihar, could be considered.

SP district president Anand Gurjar said the party stands with small traders and working-class families who depend on the weekly market for their livelihood. He said the administration should take a humanitarian approach and find a practical solution instead of leaving hundreds of families without an income source.

Gurjar warned that if the administration fails to provide a suitable place for the weekly market, the Samajwadi Party will intensify its agitation. He said the party does not want to disrupt the city's system but wants a properly regulated market that can operate without causing inconvenience to residents and traffic.

The issue has also reached the party's top leadership. Hapur SP office-bearers have raised the matter before party national president and former Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav. They also met Dimple Yadav and apprised her of the problems being faced by vendors who depended on the weekly market.

The SP has submitted a memorandum to the district administration demanding that an appropriate location be identified and the Sunday weekly market be restarted. The party has maintained that the market can be regulated properly while ensuring that traffic and public movement are not affected.

Following the protest, the issue of the weekly market has emerged as a significant local political matter in Hapur. The SP has made it clear that if a solution is not found soon, it will launch a larger agitation along with the affected vendors.
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