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हापुड़ में अतिक्रमण पर पालिका की कार्रवाई, कुछ समय बाद दोबारा कब्जे को लेकर उठे सवाल

रेलवे रोड पर नगरपालिका की टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। दुकानदारों को चेतावनी दी गई। कार्रवाई के दौरान नोकझोंक भी हुई। दोबारा अतिक्रमण को लेकर पालिका की कार्रवाई पर सवाल उठे।

Halchal India News
8 अगस्त 2026 को 02:37 pm बजे 212
अपडेट: 8 अगस्त 2026 को 03:35 pm बजे
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हापुड़ में अतिक्रमण पर पालिका की कार्रवाई, कुछ समय बाद दोबारा कब्जे को लेकर उठे सवाल
हापुड़ में अतिक्रमण पर पालिका की कार्रवाई, कुछ समय बाद दोबारा कब्जे को लेकर उठे सवाल
हापुड़। शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगरपालिका की ओर से चलाया जा रहा अभियान एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। शनिवार को राजस्व निरीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में नगरपालिका की टीम रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची। टीम ने सड़क और दुकानों के बाहर किए गए अस्थायी अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की और दुकानदारों को दोबारा कब्जा न करने की चेतावनी दी। इस दौरान कुछ दुकानदारों और पालिका कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
नगरपालिका की टीम के पहुंचते ही रेलवे रोड पर कुछ देर के लिए हलचल मच गई। राजस्व निरीक्षक सुनील कुमार हाथ में अनाउंसमेंट माइक लेकर दुकानदारों से सड़क और सार्वजनिक स्थान से अतिक्रमण हटाने की अपील करते दिखाई दिए। टीम ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि निर्धारित सीमा के बाहर सामान रखने या सड़क पर अस्थायी दुकान लगाने पर कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, अभियान की प्रभावशीलता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। शहर के गोल मार्केट में पहले चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान का उदाहरण देते हुए स्थानीय लोगों का कहना है कि पालिका की टीम द्वारा कार्रवाई के दौरान संसाधन और कर्मचारियों को लगाने के बावजूद कुछ ही समय बाद दोबारा दुकानदारों ने सड़क और सार्वजनिक स्थान पर कब्जा कर लिया। इससे अभियान की स्थायी सफलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाने के बाद उसकी नियमित निगरानी नहीं की जाएगी तो कुछ घंटों या दिनों में स्थिति फिर पहले जैसी हो सकती है। उनका सवाल है कि आखिर बार-बार अतिक्रमण हटाने के बावजूद शहर के प्रमुख बाजारों और सड़कों पर दोबारा कब्जे कैसे हो जाते हैं।
शनिवार को रेलवे रोड पर अभियान के दौरान दुकानदारों और नगरपालिका की टीम के बीच अतिक्रमण हटाने को लेकर नोकझोंक की स्थिति भी बनी। इसके बाद पालिका टीम ने दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई। अभियान के दौरान राजस्व निरीक्षक सुनील कुमार माइक के माध्यम से लगातार दुकानदारों को सड़क खाली रखने के निर्देश देते रहे।
वहीं, कार्रवाई के दौरान जब पत्रकारों ने राजस्व निरीक्षक से अभियान को लेकर सवाल किए तो वह स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। उनसे पूछा गया कि अभियान किन स्थानों पर और किस आधार पर चलाया जा रहा है, इसकी नियमितता क्या होगी तथा अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा रोकने के लिए पालिका की क्या योजना है। इन सवालों पर राजस्व निरीक्षक की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
शहरवासियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के अभियान को केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय स्थायी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर नियमित निगरानी हो तथा कार्रवाई के बाद दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जुर्माना और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। इससे अभियान का असर लंबे समय तक दिखाई दे सकता है।
अब बड़ा सवाल यह है कि नगरपालिका द्वारा बार-बार अतिक्रमण हटाए जाने के बावजूद आखिर कुछ समय बाद वही स्थान दोबारा अतिक्रमण की चपेट में कैसे आ जाते हैं? यदि कार्रवाई के बाद निगरानी और प्रभावी प्रवर्तन नहीं होगा तो सरकारी संसाधनों से होने वाले ऐसे अभियानों की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
Hapur News: Municipality Launches Encroachment Drive on Railway Road, Questions Raised Over Effectiveness

Hapur: The Hapur Municipality once again launched an anti-encroachment drive on Saturday, with a team led by Revenue Inspector Sunil Kumar reaching Railway Road to remove encroachments from public spaces and roadsides. During the drive, municipal officials warned shopkeepers against occupying roads and public areas.
The municipal team used an announcement microphone to instruct shopkeepers to remove goods and temporary structures extending beyond permissible limits. The officials also warned that encroachments would invite action under the applicable rules.
The drive, however, witnessed some opposition from shopkeepers. A verbal altercation reportedly took place between some shopkeepers and members of the municipal team over the removal of encroachments. The situation was brought under control and the municipal team continued its campaign for some time.
Questions have also been raised over the long-term effectiveness of such drives. Local residents pointed to previous action in the city's Gol Market, where encroachments had reportedly been removed during an earlier municipal campaign. According to residents, however, shops and temporary structures appeared again at the same location shortly after the action.
Residents said that merely removing encroachments once is unlikely to solve the problem unless regular monitoring and strict follow-up action are carried out. They argued that repeated encroachment on busy roads creates difficulties for pedestrians, motorists and other commuters.
During Saturday's drive, journalists also questioned Revenue Inspector Sunil Kumar about the campaign, including which areas were being targeted, the basis for the action and how the municipality planned to prevent encroachments from returning after the drive. However, no detailed response was provided during the interaction.
Sunil Kumar was seen making announcements through a microphone and directing shopkeepers to keep roads and public spaces clear. While the announcements were clearly audible along Railway Road, questions remained among residents about whether the action would result in a lasting solution.
Residents have called for regular inspections of major markets and roads, along with action against repeat offenders. They said that a sustained monitoring mechanism could help prevent encroachments from returning soon after municipal drives.
The recurring situation has raised a key question: If encroachments are removed repeatedly, how do they return within a short period of time? Residents are now looking towards the municipality for a permanent and effective solution to the city's encroachment problem.
The concerns mentioned in the report are based on local residents' observations and the situation during the municipal drive. The detailed response of the concerned municipal authorities, if provided, should also be considered.


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