अजगर के शिकंजे में फंसा राष्ट्रीय पक्षी, ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की; नहीं बची मोर की जान
हापुड़ के सिकंदरपुर काकौड़ी में विशाल अजगर ने मोर को बनाया शिकार। ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन मोर की मौत हो गई। वन विभाग ने अजगर का रेस्क्यू किया
Halchal India News
16 अगस्त 2026 को 03:09 pm बजे 5.1K
अपडेट: 16 अगस्त 2026 को 04:52 pm बजे

हापुड़। बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर काकौड़ी में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल की ओर जा रहे ग्रामीणों ने एक विशालकाय अजगर को मोर को अपने शिकंजे में लेते देखा। राष्ट्रीय पक्षी को संकट में देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए उसे अजगर से छुड़ाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद मोर को अजगर के कब्जे से मुक्त तो करा लिया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग ने अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू कर आबादी से दूर उसके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार रविवार को सिकंदरपुर काकौड़ी गांव के कुछ ग्रामीण खेतों और जंगल की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों के पास उनकी नजर एक बड़े अजगर पर पड़ी। अजगर ने एक मोर को जकड़ रखा था और उसे अपना शिकार बनाने का प्रयास कर रहा था। अचानक सामने आए इस दृश्य को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग भी मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों ने मोर को बचाने के लिए अजगर को पीछे हटाने का प्रयास किया। काफी प्रयास के बाद मोर को उसके कब्जे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। ग्रामीणों के प्रयास के बावजूद मोर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस और वन विभाग को दी।

सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। टीम ने उसे आबादी क्षेत्र से दूर प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से वन्यजीवों के मामले में सावधानी बरतने की अपील की है।

डीएफओ गौतम कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे उपयुक्त प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ा गया है। मृत मोर के शव को कब्जे में लेकर नियमानुसार पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार उसके शव का निस्तारण किया जाएगा।

वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप न करने की सलाह भी दी है। अधिकारियों के मुताबिक जंगल में अजगर, तेंदुआ या अन्य शिकारी जीव जब किसी वन्यजीव को अपना शिकार बनाते हैं तो यह प्रकृति के खाद्य चक्र का हिस्सा होता है। ऐसे मामलों में लोगों का भीड़ लगाकर शोर करना या शिकारी और शिकार के बीच हस्तक्षेप करना दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

अधिकारियों ने कहा कि घायल शिकार को छुड़ा लेने के बाद भी उसके बचने की संभावना कई बार बेहद कम रहती है। वहीं, शिकारी को उसका भोजन नहीं मिल पाता। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक संतुलन पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए भविष्य में ग्रामीणों को ऐसी स्थिति दिखाई देने पर खुद मौके पर जाने या वन्यजीव को छुड़ाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।

Giant Python Attacks Peacock in Hapur, Villagers Try to Rescue National Bird

Hapur: A startling wildlife incident was reported from Sikandarpur Kakori village under Babugarh police station area in Hapur district on Sunday, where villagers spotted a giant python attacking and attempting to swallow a peacock.

According to local residents, several villagers were heading towards the fields and nearby forest area when they noticed unusual movement near a patch of bushes. On approaching the spot, they found a large python holding a peacock in its grip.

The sight alarmed the villagers, who immediately gathered at the spot and attempted to rescue the national bird. After considerable effort, they managed to free the peacock from the python. However, the bird had already suffered severe injuries and could not survive.

The incident was subsequently reported to the police and Forest Department. A rescue team reached the location and safely captured the python. The reptile was later released in a suitable natural habitat away from the populated area.

DFO Gautam Kumar confirmed the incident and said that the python had been safely rescued and relocated. The carcass of the peacock was taken into custody and sent for a post-mortem examination as per procedure. Further disposal of the bird will be carried out according to wildlife department rules after the post-mortem.

Forest Department officials also advised villagers not to interfere when wild predators are hunting. They said that such incidents are part of the natural food chain and that attempting to separate a predator from its prey can put people at risk and may also disturb the natural ecological balance.

Officials urged residents to maintain a safe distance from wild animals and immediately inform the Forest Department instead of attempting a rescue themselves.

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