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हापुड़

36 जुलूस और 11 मजलिसों पर पुलिस की नजर, मेरठ रेंज में 34 हॉटस्पॉट चिन्हित

बारावफात को लेकर मेरठ रेंज में 1795 पुलिसकर्मियों की तैनाती, 36 जुलूस और 11 मजलिसों के मद्देनजर 34 हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी। ड्रोन और सीसीटीवी से होगी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी।

Halchal India News
22 अगस्त 2026 को 02:14 pm बजे 1.2K
अपडेट: 22 अगस्त 2026 को 03:26 pm बजे
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36 जुलूस और 11 मजलिसों पर पुलिस की नजर, मेरठ रेंज में 34 हॉटस्पॉट चिन्हित
36 जुलूस और 11 मजलिसों पर पुलिस की नजर, मेरठ रेंज में 34 हॉटस्पॉट चिन्हित
हापुड। बारावफात (ईद-मिलाद-उन-नबी) के त्योहार को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। 26 अगस्त को प्रस्तावित बारावफात के दौरान मेरठ, बुलंदशहर और हापुड़ में निकलने वाले जुलूसों और आयोजित होने वाली मजलिसों को देखते हुए 1795 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी कराई जाएगी।
डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने तीनों जिलों के पुलिस अधिकारियों को त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि छोटी से छोटी घटना को भी गंभीरता से लिया जाए और किसी भी स्थिति में नई परंपरा की अनुमति न दी जाए।
मेरठ परिक्षेत्र के तीनों जिलों में सुरक्षा ड्यूटी के लिए पांच अपर पुलिस अधीक्षक, 24 क्षेत्राधिकारी, 67 निरीक्षक, 335 उपनिरीक्षक, 474 मुख्य आरक्षी, 535 आरक्षी, 355 होमगार्ड/पीआरडी जवान और एक कंपनी पीएसी को लगाया गया है। आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल को क्लस्टर व्यवस्था में तैनात किया जाएगा। थाना और चौकी स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों को हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर से लैस रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बारावफात के अवसर पर मेरठ रेंज में कुल 36 जुलूस और 11 मजलिस प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ में पांच जुलूस और छह मजलिस, बुलंदशहर में 28 जुलूस और तीन मजलिस तथा हापुड़ में तीन जुलूस और दो मजलिस शामिल हैं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिक्षेत्र में 34 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। मेरठ में 10, बुलंदशहर में 22 और हापुड़ में दो हॉटस्पॉट बनाए गए हैं।
त्योहार को लेकर पुलिस ने पहले से ही धर्मगुरुओं, पीस कमेटी, शांति समितियों और संभ्रांत लोगों के साथ बैठकें कर समन्वय स्थापित किया है। परिक्षेत्र के सभी जिलों में ऐसे लोगों के साथ 113 बैठकें की गई हैं। नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत सहित अन्य विभागों के साथ भी 113 बैठकें हुई हैं। वहीं आयोजकों और कार्यक्रम संचालकों के साथ 83 गोष्ठियां आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
डीआईजी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन स्थानों पर पिछले वर्षों में या हाल के दिनों में किसी तरह का विवाद सामने आया है, वहां पुलिस और राजस्व विभाग के राजपत्रित अधिकारी स्थिति का अध्ययन करें। विवादों को समय रहते सुलझाने और संवेदनशीलता कम करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
थाना स्तर पर त्योहार रजिस्टर और रजिस्टर नंबर आठ में दर्ज पुरानी प्रविष्टियों का भी अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को असामाजिक और सांप्रदायिक तत्वों को चिन्हित करने तथा जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।
जुलूस के मार्गों का भौतिक निरीक्षण कर लिया जाए, इसके लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। जुलूस की ऊंचाई को देखते हुए रास्ते में बिजली के तार, पेड़ या अन्य किसी तरह की बाधा न हो, इसका पहले से आकलन किया जाएगा। जुलूस के मार्ग और आसपास की छतों पर ईंट, पत्थर, खाली बोतल या ऐसी कोई अन्य वस्तु मिलने पर उसे हटवाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल किसी को नुकसान पहुंचाने में किया जा सकता है।
आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए चौकी स्तर तक पीस कमेटी की बैठक करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कंटीजेंसी प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बारावफात के दौरान किसी भी तरह की गैर-परंपरागत गतिविधि न हो। इसके लिए थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। संवेदनशील और सांप्रदायिक हॉटस्पॉट पर आवश्यकता के अनुसार स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस पिकेट तैनात किए जाएंगे। महत्वपूर्ण गतिविधियों और भीड़भाड़ वाले स्थानों की सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी होगी। मिश्रित आबादी और संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों के जरिए भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
पुलिस को पूर्व में हुई हिंदू-मुस्लिम, शिया-सुन्नी और जातिगत संवेदनशीलता से जुड़ी घटनाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को किसी भी संभावित विवाद को लेकर पहले से सतर्क रहने को कहा गया है। बारावफात के दौरान आतिशबाजी से आग लगने और जनहानि की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इस पर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को आयोजकों के साथ समन्वय कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी। आपत्तिजनक पोस्ट, अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के सोशल मीडिया सेल को विशेष रूप से सतर्क रहने और किसी भी अफवाह का समय रहते खंडन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बारावफात के कार्यक्रमों में एक ही समय और स्थान पर अधिक भीड़ एकत्र होने की संभावना को देखते हुए आयोजकों से वार्ता कर समय सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों को आयोजकों के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बारावफात के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य त्योहार को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है, जिसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों से लेकर जुलूस के पूरे मार्ग तक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है।


Meerut: Security arrangements have been strengthened across the Meerut Police Range ahead of Barawafat (Eid-e-Milad-un-Nabi), proposed to be observed on August 26, 2026. A total of 1,795 police and security personnel have been deployed across Meerut, Bulandshahr and Hapur districts to ensure that processions and religious gatherings pass off peacefully.
The security plan has been prepared keeping in mind the proposed 36 processions and 11 majlises across the three districts. Meerut is scheduled to have five processions and six majlises, Bulandshahr 28 processions and three majlises, while Hapur is scheduled to have three processions and two majlises. A total of 34 sensitive hotspots have been identified across the range. Of these, 10 are in Meerut, 22 in Bulandshahr and two in Hapur. Police deployment has been strengthened at these locations, with static magistrates and police pickets to be deployed wherever required.
The security force includes five Additional Superintendents of Police, 24 Circle Officers, 67 inspectors, 335 sub-inspectors, 474 head constables, 535 constables, 355 Home Guards/PRD personnel and one company of the Provincial Armed Constabulary (PAC). DIG Meerut Range Kalanidhi Naithani has issued detailed instructions to district police chiefs to ensure peaceful conduct of Barawafat celebrations. Officers have been directed to take even minor incidents seriously and prevent any activity that could disturb law and order.
Police teams have already conducted meetings with peace committees, religious leaders, prominent citizens and other stakeholders. A total of 113 meetings have been held with peace committees, religious leaders and respected citizens, while another 113 meetings were conducted with departments such as municipal bodies, health and electricity authorities. In addition, 83 meetings have been held with event organisers and programme coordinators.
Police officers have been instructed to physically inspect procession routes, majlis venues and other sensitive locations before the celebrations. Particular attention will be paid to overhead wires and other obstacles along procession routes, keeping the height of processions in mind. Authorities have also been asked to inspect rooftops and roads along procession routes and remove objects such as bricks, stones and empty bottles that could potentially be used to cause harm or create a law-and-order situation.
Police stations have been directed to review festival registers and entries recorded in Register No. 8. Individuals identified as anti-social or communal elements will be monitored, and preventive action will be taken wherever necessary. A contingency plan will also be prepared at the police station and outpost level to deal with any unexpected situation. Police personnel deployed under the cluster system will be equipped with helmets and body protectors.
CCTV cameras will be used to monitor important activities and crowded locations, while drone cameras will keep watch over mixed-population and sensitive areas. Police have also been directed to review previous incidents involving Hindu-Muslim, Shia-Sunni and caste-related sensitivities and make necessary arrangements in advance.
Special precautions have been ordered against possible fire incidents and casualties caused by fireworks during Barawafat. Organisers will be coordinated with to ensure that safety measures are followed.
The police will also maintain close surveillance of social media and other communication platforms. Any objectionable content, rumours or misleading information will be dealt with promptly, and effective counter-information will be issued wherever required.
Officials have further been directed to coordinate with organisers and determine time limits for programmes to avoid excessive crowds gathering at the same place and time.
The Meerut Range police have stated that extensive arrangements are being made to ensure that Barawafat celebrations remain peaceful and that law and order is maintained across Meerut, Bulandshahr and Hapur.


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