हापुड़ में यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ रोडवेज बसों की संख्या भी बढ़ रही है। लेकिन फिर भी समस्या जस से तस नहीं हो रही है। पिछले एक साल में डिपो में 26 बसें अपनी समय सीमा पूरी करने के बाद कबाड़ हो गई। वहीं डिपो में 31 नई बसें शामिल की गई। इसके बाद भी लोगों को बसों की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
रोडवेज डिपो द्वारा लखनऊ, बरेली, नोएडा, दिल्ली, किठौर, मोदीनगर सहित विभिन्न रूटों पर 98 निगम की बसें और 14 अनुबंधित बस सहित कुल 112 बसों का संचालन किया जाता है। रोडवेज डिपो से किठौर, मोदीगनर, गढ़ के लिए बसों का संचालन होता है। जबकि दिल्ली रोड से नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली के लिए बसें संचलित होती हैं। लंबे रूटों पर डिपो की अधिकतर बसों का संचालन कौशांबी डिपो से किया जाता है। लेकिन यात्रियों बढ़ती संख्या को देखते हुए बसें नाकाफी साबित हो रही हैं।
किठौर रोड पर आए दिन बसों की कमी के कारण यात्रियों को आधा घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं नोएडा, दिल्ली के लिए रोजाना हजारों की संख्या में शहर व देहात के लोग नौकरी, व्यवसाय के लिए जाते हैं, जिससे इन रूटों पर यात्रियों की संख्या सबसे अधिक है। लेकिन यहां भी यात्रियों को आधा से एक घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। बसों की कमी के कारण परेशानी उठा रहे यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है। ऐसे में लोगों को डग्गामार वाहनों में सफर करना मजबूरी होता है।
रोडवेज के सहायक प्रबंधक रणजीत सिंह का कहना है कि मुख्यालय को नई बसों का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन अभी बसें स्वीकृत नहीं हुई है। जल्द ही बसें मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद व्यस्त रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाकर यात्रियों की परेशानी दूर की जाएगी।