हापुड़ जिले में 12 से 17 साल तक की किशोरियां कमर दर्द से परेशान हैं, जांच में किशोरियों की हड्डियों में कैल्शियम की कमी मिली है। साथ ही विटामिन-डी भी पर्याप्त नहीं मिला, जिसके कारण समस्या बढ़ी है। ओपीडी में रोजाना लगभग 40 किशोरियां पहुंच रही हैं, 45 साल से ऊपर वालों में भी यह शिकायत दिख रही है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य मिशन के तहत सर्वे में 1700 किशोरियों में कैल्शियम की कमी मिली है। फिजिशियन डॉ. प्रदीप मित्तल ने बताया कि सीएचसी की जनरल ओपीडी में कमर दर्द कर रहा परेशान 35 से 40 किशोरियां रोजाना पहुंच रहीं है। सर्दियों में धूप कम निकलने की वजह से शरीर को पर्याप्त विटामिन डी नहीं मिल पाया, विटामिन डी ही हड्डियों में कैल्शियम को बढ़ाता है। इन दिनों जो किशोरियां दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रही हैं, उनकी जांच में भी कैल्शियम की भारी कमी मिली है।
उन्होंने बताया कि एक व्यस्क व्यक्ति के अंदर प्रति डेसीलीटर खून में 8.5 से 10.5 मिलीग्राम कैल्शियम होना चाहिए, लेकिन कई किशोरियों में इसकी मात्रा 6 तक भी मिली है। उन्होंने बताया कि पूरे शरीर की बात करें तो एक फीसदी कैल्शियम मांसपेशियों आदि में होता है, बाकी 99 फीसदी कैल्शियम हड्डियों में ही होता है। किशोरियों को दवाओं के साथ साथ रोजाना धूप सेकने की भी सलाह दी जा रही है।