हापुड़ में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर से निकलने वाले गीले और सूखे कूड़े के निस्तारण के लिए बड़े शहरों की तर्ज पर शहर में भी तीन नए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ सेंटर) का निर्माण होना है। लेकिन जमीन चिन्हित होने के छह माह बाद भी अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
नगर पालिका द्वारा शहर के 41 वार्डों से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन होता है। इसमें करीब सौ टन सूखा और गीला कूड़ा निकलता है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए सिकंदर गेट पर एक एमआरएफ सेंटर बनाया गया है, जहां रोजाना करीब पांच टन कूड़े का निस्तारण होता है। लेकिन शहर की आबादी के हिसाब से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए छह माह पूर्व करीब एक करोड़ रुपये की लागत से रामपुर रोड पर तीन नए एमआरएफ सेंटर निर्माण की योजना बनाई गई थी।
यहां मशीनों द्वारा कांच, प्लास्टिक, पॉलिथीन, पुराने कपड़े अन्य सामान को अलग अलग किया जा सकेगा। जिसके लिए बजट भी स्वीकृत हो गया था और जमीन को भी चिन्हित कर लिया गया। लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में शहर से निकलने वाले कूड़ा का समय से निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इस कारण लगने वाले कूड़े के ढेर की समस्या से नागरिकों को निजात नही मिल रही है।
स्वच्छ भारत मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अमित निंबेकर का कहना है कि एमआरएम सेंटर निर्माण के लिए जमीन चिन्हित कर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। जल्द ही सेंटर निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा, जिसके बाद शहर से निकलने वाले कूड़े का मशीनों द्वारा निस्तारण किया जा सकेगा।