जनपद हापुड़ में जिला मुख्यालय में आठ दिसंबर को डीएम की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में चीनी मिलों ने हर दिन करीब चार करोड़ का भुगतान कर, 31 दिसंबर तक पिछले सत्र का पूरा भुगतान कर देने का वादा किया था। लेकिन 20 दिन में महज 24 करोड़ का भुगतान ही कर पाए हैं।
जिले में भुगतान की बदहाल व्यवस्था से हर साल गन्ने का रकबा घटता जा रहा है। तीन साल में पांच हजार हेक्टेयर रकबा कम हुआ है। लेकिन चीनी मिल इस करतूत से बाज नहीं आ रहे हैं। डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी चीनी मिल हवाई दावे कर आए। लेकिन 20 दिन में महज 24 करोड़ का भुगतान ही कर पाए हैं। अफसरों की ढिलाई कहें या मिलों की हठधर्मिता, किसान इससे खासे परेशान हैं। इस नाफरमानी पर कार्यवाही क्या होगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।
बहरहाल, सिंभावली चीनी मिल ने 56 और ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने किसानों का 11 करोड़ रुपये भुगतान अटकाया हुआ है। यह पिछले सत्र का है, नए सत्र में कोई भुगतान किसानों को नहीं हो सका है।