जनपद हापुड़ में सिस्टम की अनदेखी के कारण चमरी स्थित श्मशान घाट की हालत जर्जर है। मोहल्ले ‘के लोग बेबस होकर बारिश के बीच ही शव का अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। नगर पालिका व जिला प्रशासन से शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे लोगों में रोष है।
शहर के आदर्श नगर कालोनी, जसरूपनगर, संजय नगर, हर्ष विहार कालोनी, सिद्वार्थ नगर, चंद्रलोक, पंचशील कालोनी और चमरी में हजारों घर हैं। इन कालोनी में लोगों का देहांत हो जाने पर चमरी स्थित श्मशान घाट पर अंतिम दाह संस्कार के लिए ले जाया जाता है। लेकिन श्मशान घाट में टीन शेड जर्जर होकर टूट चुके हैं। कई बार लोगों को बारिश के बीच ही अंतिम संस्कार करना पड़ता है या फिर मूसलाधार बारिश होने पर बारिश बंद होने तक इंतजार करना पड़ता है।
रविवार को भी परिजनों को दो शवों का बारिश के बीच बड़ी मुश्किल से दाह सं स्कार करना पड़ा। आदर्शनगर निवासी जयकरण व जसरूपनगर निवासी किरन देवी का देहांत हो गया। सुबह से ही झमाझम बारिश के कारण परिजनों को शवों का दाह संस्कार करने के लिए बारिश बंद होने का इंतजार करना पड़ा। दोपहर के समय बारिश हल्की होने के बाद दोनों शवों का बारिश के बीच ही दाह संस्कार किया गया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि श्मशान घाट में टीन शेड जर्जर होकर टूट चुके हैं। इनके लिए अनेक बार जिला प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन से श्मशान की मरम्मत करने की गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अनदेखी के कारण वर्षों बीत जाने के बाद भी समाधान नहीं हो सका है। बारिश के दौरान ही लोग बेबस होकर दाह संस्कार करने को लोग मजबूर हैं। जिको लेकर लोगों में रोष है।
एडीएम संदीप सिंह का कहना है कि ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए श्मशान स्थल का सर्वे कराकर संबंधित विभाग से इसका जीर्णोद्धार कराया जाएगा। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।