जनपद हापुड़ में हाईवे निर्माण के बाद जिले में होटल ढाबों के निर्माण की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। इसके खिलाफ हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा पिछले दो महीनों में अभियान चलाकर बिना मानचित्र पास कराए किए गए निर्माण के खिलाफ कार्यवाही की। जिसमें प्राधिकरण ने 6.50 करोड़ रुपये वसूले हैं।
कुछ साल पहले की बात करें तो हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण राजस्व वसूली के मामले में पीछे चल रहा था। लेकिन पिछले कुछ सालों में जिले से दो नए हाईवे का निर्माण हुआ है। गढ़ से हापुड़ से एनएच-9 बाईपास के निर्माण के साथ अब गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण भी शुरू हो गया है। इसके साथ ही जिले में अवैध निर्माण भी शुरू हो गए हैं। सबसे अधिक अवैध निर्माण दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे-9 पर गढ़ से हापुड़ के बीच हुए हैं। नए हाईवे पर दर्जनों होटल ढाबे ग्रीन बेल्ट में ही खोल लिए गए हैं। अधिकतर होटलों ने किसी प्रकार का मानचित्र पास नहीं कराया है।
इस स्थिति के बाद हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा दो माह पहले कार्यवाही शुरू की गई थी। ऐसे अवैध निर्माणों को चिन्हित कर उन्हें सील किया गया। इसका असर यह हुआ कि प्राधिकरण का मानचित्र पास कराने और जुर्माने से साढ़े छह करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। बड़ी बात है कि यह केवल नौ प्रकरणों पर की गई कार्यवाही के दौरान हासिल हुआ है। इसके अलावा इस अवधि में अन्य 31 अवैध कालोनियों और अन्य निर्माण को भी ध्वस्त किया गया।
वीसी प्राधिकरण डीएम प्रेरणा शर्मा- ने बताया की प्राधिकरण अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई होगी तो इससे राजस्व वसूली खुद बढ़ेगी। ऐसे अन्य निर्माणों को भी चिन्हित किया जा रहा है।