होम स्टे से गांव की संस्कृति, खान-पान से रूबरू हो सकेंगे पर्यटक
हापुड़। आज शहर की जीवन शैली से ब्रेक लेने के लिए लोग न सिर्फ किसी एकांत और कम भीड़ भाड़ वाले स्थान पर छुट्टियों में जाना चाहते हैं।
बल्कि गांव के घर में रहकर छुट्टियों का आनंद लेना चाहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए गढ़मुक्तेश्वर में गंगा किनारे के पांच गांवों को जल्द ही टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा।
यहां पर्यटन के विकास के लिए गांव में ही होम स्टे बनाए जाएंगे। जहां लोगों को रहने के लिए होम स्टे मिलेगा ब्लकि गांव में ही वहां की संस्कृति और खान-पान से पर्यटक संस्कृति और खान-पान से पर्यटक रूबरू हो सकेंगे। उत्तर प्रदेश में रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई पर्यटन नीति को मंजूरी दी गई है।
इसके तहत गढ़मुक्तेश्वर में गंगा किनारे के पांच गांवों को चिन्हित किया गया है। इन गांवों को पर्यटन विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इन गांवों में पर्यटकों के लिए होम स्टे बनाए जाएंगे। इसके अलावा अगर किसी ग्रामीण के पास गांव में बड़ा घर है, तो उसे होटल या लॉज में परिवर्तित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
गंगा किनारे वाले पूठ, आलमनगर, खिलवाई, कल्याणपुर, बहादुरगढ़ को चिन्हित किया गया है। अब इन गांवों में पर्यटन विभाग की टीम सर्वे करेगी।
सीडीओ-प्रेरणा सिंह ने बताया कि विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गंगा किनारे के पांच गांवों को चिन्हित किया गया है। यहां पर्यटकों के लिए होम स्टे, लॉज, होटल आदि बनाए जाएंगे।