23 हजार करोड़ निवेश आने से हापुड़ एनसीआर का बनेगा औद्योगिक हब
हापुड़। कभी पापड़ के लिए मशहूर हापुड़ अब औद्योगिक हब बनेगा। इन्वेस्टर्स समिट में 23 हजार करोड़ के निवेश पर सहमति बनी। इतने बड़े निवेश से जनपद हापुड़ ने आसपास के बड़े जनपदों को पीछे छोड़ दिया है।
एनसीआर में दिल्ली के सबसे नजदीक 16 लाख की आबादी वाले जनपद हापुड़ में निवेश के लिए 350 से ज्यादा उद्यमियों ने उद्योग लगाने के लिए विश्वास जताया है। 300 से ज्यादा कंपनी लगाने की घोषणा कर 23 हजार करोड़ के एमओयू पर साइन किए है।
जनपद की तीन तहसील में लगभग 16 लाख आबादी रहती है। तीन तहसील और 10 थाने वाले छोटे जिले ने बड़े जिलों को विकास की राह में पिछाड दिया है। तहसील धौलाना में यूपीएसआईडी में करीब एक हजार फैक्ट्री हैं।
जबकि धीरखेडा में सैकड़ों व्यापारियों ने 500 से ज्यादा इकाई लगा रखी है। दिल्ली के पास स्थित हापुड़ में यूपी के ग्लोबल इन्वेस्ट समिट से पहले देश-विदेश के उद्यमियों ने विश्वास जता दिया है। पहला जिला हैं जिसमें इन्वेस्टर्स समिट दो दिवसीय की गई है। पहले दिन 350 प्लस कंपनियों के आने को लेकर उद्योगपतियों ने हरी झंडी दे दी है।
सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि उद्योग लगाने के लिए सरकार हर सुविधा दे रही है। उद्यमियों की सुरक्षा के लिए आज उत्तर प्रदेश सरकार तत्पर है। इसी का नतीजा है कि उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
डीएम मेधा रूपम ने कहा कि हापुड़ में 2 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां है। अब 23 हजार करोड़ निवेश आने से हापुड़ एनसीआर का औद्योगिक हब बनने की तरफ बढ़ चला है। सीडीओ प्रेरणा सिंह ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के साथ हापुड़ की धमक विदेशों तक है।
जिलाधिकारी मोधा रूपम ने जनपद में हुए 23 हजार करोड़ के निवेश पर कहा कि जनपद की पूरी टीम ने इन्वेस्टर्स समिट को सफल बनाने में कार्य किया है। हापुड़ के निवेशकों ने एक पुलिस-प्रशासन और सरकार को अच्छा मैसेज दिया है। जिससे हापुड़ में बाहर से निवेशक आए हैं। सभी निवेशकों का भी इसमें आभार व्यक्त किया जा रहा है।