हापुड़। पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे है। पेट्रोल के बढ़ते दाम के कारण लोगों का ई-व्हीकल की तरफ रुझान बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2021 में जहां सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में एक भी इलेक्ट्रिक कार का रजिस्ट्रेशन नहीं था, वहीं, जिले में चार साल में इलेक्ट्रिक कार के 187 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इलेक्ट्रिक स्कूटी की बिक्री में भी चार साल में 20 गुना तक बढ़ोतरी हुई है।
ऑटोमोबाइल कंपनियों ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए इको फ्रेंडली कार और स्कूटी बाजार में उतारी हैं। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की शोरूम की संख्या भी बढ़ी है। सभी नामी कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों के नए-नए मॉडल बाजार में उतार रही हैं। शुरुआत में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर खरीदार असमंजस में थे। इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें भी पेट्रोल-डीजल के वाहनों के मुकाबले काफी अधिक थी।
कंपनियों ने वाहनों के मॉडल के साथ-साथ तकनीक में भी परिवर्तन किया है। एक बार चार्ज करने के बाद 450 किमी से अधिक गति तय करने वाली कार भी बाजार में आ गई हैं। वहीं, इनके दाम भी पहले से कम हुए हैं और पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई लगातार बढ़ोतरी का असर भी दिखाई दिया। इसके चलते इलेक्ट्रिक वाहनों पर लोगों को रुझान और विश्वास बढ़ने लगा है।
वर्ष 2021 में जहां सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में एक भी इलेक्ट्रिक कार का रजिस्ट्रेशन नहीं था, वहीं, वर्ष 2025 तक 187 कार के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
एआरटीओ प्रशासन छवि चौहान- ने बताया की केंद्र और राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए वाहन स्वामी को सब्सिडी भी मिल रही है और रजिस्ट्रेशन और टैक्स में भी छूट दी जा रही है। पिछले चार वर्षो से इलेक्ट्रिक कार और स्कूटी के रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ी है। आने वाले सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और बढ़ने की संभावना है।