हापुड़ में धूप से गर्मी और रात की ठिठुरन का अहसास कर रहे लोगों की सेहत पर बदलता मौसम भारी पड़ रहा है। निजी और सरकारी अस्पतालों में निमोनिया, बुखार और त्वचा रोग से पीड़ित लोग पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने करीब माह भर सावधानी बरतने का सुझाव दिया है।
मौसम में हो रहे बदलाव के कारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ रही है। बुखार के साथ निमोनिया और त्वचा के मरीजो की तकलीफें बढ़ने लगी हैं। शहर के पीएमसीएच अस्पताल फुल हो गये हैं।
इन दिनों मौसम बदलता नजर आ रहा है। दिन भर धूप निकलने और सुबह-शाम की हल्की ठंड के दौरान खानपान और पहनावे में लापरवाही बरतने से स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। बदलते मौसम में स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया गया तो परेशानी बढ़ सकती है। फरवरी-मार्च के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव होता है। बदलते मौसम में तापमान से तालमेल बिठाने में शरीर को समय लगता है। इम्यून सिस्टम पर दबाव पड़ने से बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने की क्षमता प्रभावित होती है।
धूप में भी हवा में नमी की अधिकता होती है। हल्का पसीना होने पर लोग साफ सफाई पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। इसलिए बैक्टीरिया, वायरस आसानी से हमला कर देते हैं। शुक्रवार को गढ़ रोड स्थित सीएचसी ओपीडी में करीब 400 मरीज बुखार, निमोनिया और तव्चा रोग से संबंधी पहुंचे। जिन्हें दवा दी और जरूरी जांच हुई।
डॉ. आशीष ने बताया कि हल्का सा संक्रमण भी सर्दी, खांसी, फ्लू जैसे वायरल इंफेक्शन की वजह बन रहा है। शुरुआत गले के संक्रमण से होती है। फिर बासी भोजन भी जल्दी खराब हो जाता है। टिफिन का सेवन करने वाले लोग गैस्ट्रोइंटाइटिस की चपेट में आ जाते हैं।
चिकित्सक बुजुर्गों तथा बच्चों की सेहत के मामले में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। निजी व सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों की बात करें तो अभी इन दिनों बुखार निमोनिया और त्वचा के मरीज अधिक आ रहे हैं।