हापुड़ से महाकुंभ में पहुंची अपार भीड़ के कारण श्रद्धालुओं ने काफी परेशानी उठाई। मंगलवार को कुंभ से लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि भयंकर जाम के कारण उन्हें करीब 30 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने स्नान किया। इसके बाद भी उनकी दिक्कतें कम नहीं हुईं। लौटते समय न ट्रेन में जगह मिली और न ही बस। बनारस पहुंचने पर उन्हें ट्रेन मिली, बड़ी मुश्किल से वह हापुड़ पहुंचे हैं। हालांकि संगम में डुबकी लगाने का उनका अनुभव काफी सुखद रहा।
कसेरठ बाजार निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि वे रघुवीर गंज निवासी निशा गोयल, करिश्मा अग्रवाल के साथ शनिवार की शाम कुंभ नहाने के लिए बस द्वारा गए थे। लेकिन प्रयागराज में उमड़ी भयंकर भीड़ और जाम ने समस्याएं बढ़ा दी। स्नान स्थल से करीब 30 किलोमीटर पहले ही उन्हें बस से उतरना पड़ा। इस दौरान हाईवे पर वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे थे, जबकि पैदल चलने वाले वाहनों से कहीं अधिक तेजी से जा रहे थे। ऐसे में अधिकतर लोग वाहनों को छोड़कर पैदल ही चल रहे थे। इस दौरान न तो ऑटो मिला और न ही ई रिक्शा। ऐसे में करीब छह से सात घंटे तक उन्हें लंबा सफर तय करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज की सड़कों पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। रुकने ठहरने की भी सभी जगह फुल थीं। ऐसे में उन्हें खुले में ही कुछ देर के लिए आराम करना पड़ा। लेकिन संगम में स्नान ने पूरी थकान मिटा दी। उन्होंने बताया कि लौटने के दौरान भी काफी दिक्कतें हुई। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में जगह नहीं मिली तो वापस आने के लिए पहले बनारस पहुंचे और इसके बाद वहां से ट्रेन से गाजियाबाद आए। तब जाकर मंगलवार दोपहर को गाजियाबाद से हापुड़ पहुंचे हैं।
रघुवीर गंज निवासी अधिवक्ता आनंद भारद्वाज अपने परिवार के साथ टैंपोट्रैवलर करके प्रयागराज गए थे। लेकिन करीब 25 किलोमीटर पहले उन्हें भी गाड़ी को छोड़ना पड़ा। सभी ने पैदल ही संगम तट तक पहुंचने का निर्णय लिया। प्रयागराज में संगम स्नान के लिए श्रद्धालुओ को आगे बढ़ने के लिए मिनटों की दूरी घंटों में तय करनी पड़ी। मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करने के लिए सभी रास्तों पर भक्तों की भीड़ थी। अधिक भीड़ होने के कारण सामान चोरी होने का भी खतरा था। ऐसे में सभी ने बड़ी एहतियात के साथ यह सफर पूरा किया। तट पर भी भयंकर भीड़ होने के कारण जल्दी से स्नान करके लौटना पड़ा। वापस लौटने पर अधिकतर के पैर में छाले थे। लेकिन परेशानियों के बावजूद महाकुंभ में डुबकी लगाने का यह अनुभव काफी सुखद रहा।
हापुड़ के शिवपुरी निवासी अभिषेक व अभिनव वर्मा अपनी पत्नी सोनल और शिल्पी के साथ कार से प्रयागराज गए थे। लेकिन उन्हें भी कार काफी पहले ही सड़क किनारे खड़ी करनी पड़ी। 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलने के बाद उन्होंने संगम में डुबकी लगाई।