हापुड़ – नवीन मंडी हापुड़ में भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया।
भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के जिलाध्यक्ष ने कहा कि करीब 15 दिन पहले हमने जिला गन्ना अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा था, जिसमें अंकित था कि जनपद हापुड़ में चीनी की दो फैक्ट्री है सिंभावली और बृजनाथपुर इन दोनों फैक्टरियों ने बाजार से कम भाव तीन सो रुपए कम में चीनी बेच दी, ये सबसे बड़ा घोटाला किया गया है। इस घोटाले की जांच के लिए हमने 15 दिन पहले शिकायती पत्र जिला गन्ना अधिकारी को दिया था जिस पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के जिलाध्यक्ष ने कहा अगर आज हमारी सुनवाई नहीं होती है तो गन्ना समिति कार्यालय पर ताला बंद किया जाएगा। दूसरी मांग बताई कि जितने भी कोल्डस्टोरेज में किसान अपना आलू रखता है कोल्डस्टोरेज के द्वारा 20 रुपए प्रति क्विंटल रेट बढ़ा दिया है जबकि अभी ना डीजल के रेट बढ़े है ना बिजली की दर बढ़ी है फिर भी कोल्डस्टोरेज ने 20 रुपए प्रति क्विंटल रेट बढ़ा दिए है जो कि किसानों के साथ शोषण करने जैसा है।
केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार जो किसानों के हित में काम किए जा रहे है ये बोलती है ना ही तो सरकार ने गन्ने का रेट बढ़ाया है और ना ही आलू पर बल्कि, सरकार ने खेती पर उपयोग होने वाली चीजें और ज्यादा महंगी कर दी हैं। सरकार बोल रही है कि हम किसानों के लिए महत्वपूर्ण बजट लाए हैं मगर सरकार के इस बजट में केवल किसान के लिए लोन अमाउंट बढ़ाया गया है। बाकी किसानों के लिए सरकार के इस बजट में कुछ भी नहीं है किसानों को लोन नहीं चाहिए। किसानों को केवल फसल का वाजिब दाम चाहिए।
बजट में किसानों के लिए किसान सम्मान निधि दुगुना होनी चाहिए थी, जो किसानों की फैसले हैं उनके रेट बढ़ने चाहिए थे, क्योंकि जब किसान के पास कोई चीज होती है उस वक्त रेट नहीं बढ़ता और जब व्यापारी के पास किसान कोई चीज दे आता है तब उसका रेट बढ़ता है। सरकार ने किसानों के बारे में इस बजट में कुछ भी नहीं सोचा।