हापुड़ में सर्दी के साथ ही कोहरे का सितम भी लोगों को परेशान कर रहा है। बुधवार सुबह शहर कोहरे की चादर से ढका रहा और गलन बढ़ने से लोगों की कंपकंपी छूटती रही। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। बस अड्डा और सार्वजनिक स्थानों पर लोग ठिठुरते दिखे और सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। कोहरे के साथ ही प्रदूषण का स्तर भी बढ़ा और एक्यूआई 290 तक पहुंच गया। कई दिन बाद स्कूल खुले तो बच्चे कंपकंपाती ठंड में स्कूल पहुंचे। बढ़ती ठंड को देखते हुए डीएम प्रेरणा शर्मा ने कक्षा एक से आठ तक तीन दिन स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में कोहरे और ठंड से गलन बढ़ जाने से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो चला है। बुधवार को तड़के से ही घना कोहरा छाया रहा, दृश्यता कम होने के कारण चंद कदमों की दूरी का दिखना भी बंद हो गया है। बह करीब 11 बजे तक घना कोहरा छाया रहा, ऐसे में सड़कों पर वाहन रेंगकर चले। घने कोहरे के कारण लोग घरों में रहें। दोपहर को कोहरा छंटा, लेकिन धुंध छाई रही। ऐसे में दिनभर धूप के दर्शन नहीं हो सके। सर्दी से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया।
कड़ाके की सर्दी को देखते हुए जिला प्रशासन ने दिसंबर के अंतिम सप्ताह से 14 जनवरी तक कक्षा एक से आठ तक के छात्रों का शीतकालीन अवकाश घोषित किया था। बुधवार को स्कूल खुले तो कंपकंपाती ठंड और कोहरे के बीच बच्चे स्कूल पहुंचे। सर्दी के सितम को देखते हुए, बेसिक शिक्षा अधिकारी रितु तोमर ने डीएम के आदेश पर 18 जनवरी तक कक्षा एक से आठ तक स्कूल बंद करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं सर्दी और कोहरे के साथ ही पिछले कई दिनों से जिले में प्रदूषण का स्तर बिगड़ता जा रहा है। हवा की सेहत बिगड़ने से बुधवार को एक्यूआई खराब श्रेणी में रहा और 290 दर्ज किया गया। कोहरे के साथ दिनभर धुंध छाई रही, ऐसे में लोग आंखों में जलन की परेशानी से जूझते रहे। सर्दी और प्रदूषण के कारण सुबह और शाम के समय लोग टहलने से भी परहेज कर रहे हैं।