हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के शहरी क्षेत्र में बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। इन दिनों डेंगू अपने पैर पसार रहा है। ऐसे में लोगों को और भी ज्यादा सावधानी बरतने की जरुरत है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में तीन मरीजों को डेंगू भी मिला है। इसके साथ ही वायरल, टाइफाइड के मरीजों की संख्या अधिक है। जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। डॉक्टरों ने लोगों को अपना और विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने की सलाह दी है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सत्येंद्र कुमार ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर के शहरी क्षेत्र में जांच के दौरान बड़ी मात्रा में डेंगू का लार्वा मिला है। जिसे नष्ट कराया गया है, कुछ ही दूरी के अंतराल पर तीन मरीजों में डेंगू भी मिला है। बुखार से पीड़ित आसपास के लोगों के नमूने जुटाकर लैब भेजे गए हैं। उधर, जिला अस्पताल और सीएचसी में वायरल और टाइफाइड के 220 से ज्यादा मरीज आए।
फिजिशियन डॉ. प्रदीप मित्तल ने बताया कि डेंगू का प्रकोप चरम पर है। इस समय सावधानी बरतने की जरूरत है, लार्वा को नष्ट करना होगा। उन्होंने बताया कि वायरल में भी डेंगू जैसे लक्षण आ रहे हैं। जिसमें प्लेटलेट्स गिरने के मामले भी सामने आ रहे हैं। समय से जांच कराकर मरीज उपचार कराएं।
ईएनटी डॉ. मोहिनी सिंह ने बताया कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने से ईएनटी के रोगी बढ़े हैं। गले में खराश मरीजों को परेशान कर रही है। इसके साथ ही साइनस और एलर्जिक समस्या भी परेशानी का कारण बन रही है। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव से चरम रोगी बढ़ रहे हैं। त्वचा शुष्क होने, होट फटने समेत कई अन्य समस्या मरीजों को परेशान कर रही हैं।