हापुड़ में रक्षाबंधन मनाने के बाद मंगलवार को लोगो ने वापसी लौटना शुरू किया तो सड़कों पर फिर भीड़ उमड़ पड़ी। ट्रेनों के साथ रोडवेज बसों में भी सीट के लिए मारामारी मची रही। ट्रेनों में तो अगले एक सप्ताह तक भी सीट नहीं मिल पा रही है। बसों और ट्रेनों में बढ़ी भीड़ के कारण लोग धक्कामुक्की से परेशान नजर आये।
हापुड़ रोडवेज डिपो से लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, दिल्ली, नोएडा, किठौर, मोदीनग्र सहित विभिन्न मार्गों पर 129 बसों का संचालन होता है। रक्षाबंधन के कारण बसों और ट्रेनों में पिछले तीन दिन से भीड़ उमड़ रही है। यात्रियों को राहत दिलाने के लिए डिपो ने 40 अतिरिक्त बसों के संचालन का दावा भी किया। दूर दराज रहने वाले लोगों को पहले तो घरों की तरफ लौटने में मशक्कत करनी पड़ी और अब घर से वापस व्यवसाय और नौकरी पर जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। रक्षाबंधन के दिन तो सभी दावे हवा हवाई हो गए। रोडवेज बस द्वारा अतिरिक्त बसों का संचालन भी यात्रियों के लिए नाकाफी साबित हुआ।
रक्षाबंधन का त्योहार निपटने के बाद लोगों ने घर वापसी करनी शुरू कर दी है। मंगलवार को दिन भर रोडवेज बसों में धक्का मुक्की के बीच लोग सफर करते हुए नजर आए। सड़कों पर भी जाम की स्थिति बनी रही। मंगलवार को फिर से यात्रियों की भीड़ उमड़ी तो व्यवस्था बेपटरी हो गए। नोएडा, दिल्ली, गढ़मुक्तेश्वर के साथ ही रोडवेज बस अड्डे में यात्री बसों का इंतजार करते नजर आए। वहीं, गरीब रथ, अयोध्या एक्सप्रेस, लखनऊ मेल, गोरखपुर एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ सहित अधिकांश ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ उमड़ी रही और साधारण कोच में ज्यादा बुरा हाल रहा। यात्रियों को जनरल कोच में खड़े होने की भी जगह नहीं मिल रही है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रणजीत सिंह का कहना है कि सुबह के समय लोग नौकरी, व्यवसाय की तरफ वापस लौटे तो यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी मार्गों पर पर्याप्त बसों का संचालन किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को परेशानी न उठानी पड़े।