हापुड़ जिले में बिजली के मीटर का संकट फिर से गहराया है, 2800 से अधिक मीटर नो डिस्प्ले हो गए हैं, जिनसे अब आरडीएफ के बिल निकल रहे हैं। ढाई हजार से अधिक अन्य खराब मीटर घरों पर टंगे हैं, विभाग को नए मीटर नहीं मिल रहे। ऐसे में उपभोक्ता परेशान हैं।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अधीन आने वाले जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी है, अधिकारियों की ट्रेनिंग भी हो चुकी है। लेकिन हापुड़ जिला अभी साधारण मीटर की किल्लत से ही नहीं उबर पा रहा है। बीते डेढ़ साल से लगातार मीटर की कमी चली आ रही है, अब तक जैसे तैसे उपभोक्ताओं को समझाया जा रहा था। लेकिन अब समस्या गंभीर हो गई है। ऐसा कोई गांव, मोहल्ला नहीं बचा, जहां मीटर संबंधी परेशानी न हो। ऐसे में उपभोक्ता परेशान हैं, नए कनेक्शन पर मीटर लगाने के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है। आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतें भी लंबित हैं।
आश्चर्य की बात यह है कि पांच हजार से अधिक घरों में खराब मीटर से सप्लाई दी जा रही है, इन घरों के उपभोक्ता लगातार निगम अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए शासन ने झटपट योजना लागू की है। इसमें आवेदन के 24 घंटे में ही उपभोक्ताओं को कनेक्शन मिल जाता है। लेकिन मीटर की कमी के चलते कनेक्शन होने के कई दिन बाद भी सप्लाई मीटर से नहीं मिल पा रही है।
हापुड़ अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह- ने बताया की मीटर अब मिलने लगे हैं, जल्द से जल्द सभी खराब मीटर बदले जाऐंगे। कार्यालय में आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया जा रहा है। झटपट योजना में कनेक्शन पर भी तत्काल मीटर लगाया जा रहा है।