हापुड़ में दिसंबर से फरवरी माह तक रेलवे ने तीन ट्रेनों का संचालन निरस्त कर दिया है। वहीं दो ट्रेनों के फेरों में कटौती कर दी गई है। जनवरी के प्रथम सप्ताह में परिवहन निगम की 100 बसें कुंभ मेले में चली जाएंगी। ऐसे में यात्रियों को यातायात संसाधनों के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ेगी। यात्रियों अपने गंतव्य तक जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा है।
हापुड़ रोडवेज डिपो से लखनऊ, सीतापुर, बरेली, हरिद्वार, हल्द्वानी, दिल्ली, नोएडा, किठौर, मोदीनगर सहित विभिन्न मार्गों पर 129 रोडवेज बसों का संचालन होता है। जनवरी से प्रयागराज में कुंभ मेले की शुरुआत हो जाएगी, ऐसे में श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए डिपो की 100 बसों को भेजे जाने की तैयारी है। ऐसे में जनवरी से फरवरी माह के अंत तक कुंभ मेले के दौरान बसों की किल्लत बढ़ जाएगी। दिल्ली, नोएडा के साथ अन्य लोकल मार्गों पर भी बसों की किल्लत का सामना करना पड़ेगा।
दिल्ली, नोएडा, किठौर, मोदीनगर सहित ग्रामीण मार्गों पर यात्रियों को बसों की किल्लत झेलनी पड़ेगी। दिसंबर से रेलवे द्वारा बरेली-दिल्ली इंटरसिटी, गाजियाबाद-मुरादाबाद मेमू, कामाख्या- आनंद विहार और लालकुआं-आनंद विहार ट्रेन का संचालन निरस्त कर दिया गया है। जबकि अवध असम और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस ट्रेन के फेरों में कटौती कर दी गई है। ऐसे में जनवरी और फरवरी माह में दैनिक यात्रियों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ेगी। क्योंकि हापुड़ से रोजाना हजारों की संख्या में लोग दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद नौकरी, व्यवसाय और पढ़ाई के लिए जाते हैं।
रोडवेज डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रणजीत सिंह का कहना है कि फिलहाल कुंभ मेले में 100 बसों को भेजे जाने की तैयारी है। शासन के निर्देश के बाद ही बसों की संख्या निर्धारित होगी और जनवरी माह के प्रथम सप्ताह से बसें कुंभ मेले में जाने की संभावना है। ऐसे में लोकल मार्गों पर बसों के फेरे बढ़ाकर यात्रियों की परेशानी दूर करने का प्रयास किया जाएगा।