हापुड़ जिले के तीनों डिवीजन में बिल न चुकाने वाले करीब 1.09 लाख उपभोक्ताओं पर 170 करोड़ से अधिक बकाया है। इन उपभोक्ताओं पर अब शिकंजा कसा जाएगा। ओटीएस के दौरान अधिकारियों द्वारा अपील करने के बाद भी इन उपभोक्ताओं ने पंजीकरण नहीं कराया था। अब उनके खिलाफ कार्यवाही होगी। अब बिल जमा करने की अपील नहीं बल्कि कनेक्शन काटे जाएंगे। पूर्व में कट चुके कनेक्शन पर सप्लाई का प्रयोग करते पकड़े जाने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बिलों में लगे सरचार्ज पर माफी को लेकर 15 दिसंबर से एक मुश्त समाधान योजना शुरू की गई थी। तीन चरण में योजना चलाई गई, उपभोक्ताओं को करीब 15 दिन का अतिरिक्त समय भी पंजीकरण के लिए दिया गया। योजना में कुल 1.64 लाख उपभोक्ता पात्र थे, लेकिन इनमें सिर्फ 54895 ने ही योजना में पंजीकरण कराया। इस अवधि में करीब आठ से दस हजार उपभोक्ताओं ने अलग से बिल जमा किया। लेकिन अभी भी करीब 1.09 लाख उपभोक्ता ऐसे बचे हैं, जिन्होंने निगम का करीब 170 करोड़ रुपये बिल अटकाया हुआ है। ओटीएस में 222 करोड़ के सापेक्ष सिर्फ 53 करोड़ का ही राजस्व मिल सका है। ऐसे में कम वसूली अफसरों को गले की भी फांस बन गई है।
अब बचे उपभोक्ताओं पर सख्ती करने की तैयारी है। इसमें बिल वसूली के लिए कार्यवाही भी की जाएगी। बड़े बकायेदारों की सूची बिजलीघरों पर भी चस्पा करने की तैयारी है। यह सूची अवर अभियंताओं को सौंपी गई है। जिनकी प्रगति रिपोर्ट अच्छी नहीं होगी, ऐसे अधिकारियों पर भी कार्यवाही होगी।
अधीक्षण अभियंता एसके अग्रवाल- ने बताया की सरचार्ज में काफी के लिए ओटीएस योजना चलाई गई थी। जिन उपभोक्ताओं ने अपील के बाद भी बिल जमा नहीं किए हैं, अब उनके खिलाफ कार्यवाही होगी। कनेक्शन काटने और बिजली चोरी रोकने का अभियान शुरू होगा।